सोशल मीडिया कंपनिया नहीं कर सकेगी अपनी मनमानी

सोशल मीडिया डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल लागू होने से सोशल मीडिया कंपनिया नहीं कर सकेगी अपनी मनमानी | सोशल मीडिया  डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 (Digital Personal Data Protection Bill) राज्यसभा और लोकसभा में अगस्त 2023 में पास हो गया है।अब इस बिल को हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू जी के पास भेजा जाएगा. उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगा. इस कानून को कब से लागू किया जाएगा इसका नोटिफिकेशन अलग से लागू किया जाएगा. इस कानून के लागू होने के बाद लोगों को अपने डेटा कलेक्शन, स्टोरेज और प्रोसेसिंग के बारे में जानकारी मांगने का अधिकार मिल जाएगा.आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले पिछले बिल में यह 500 करोड़ रुपये था. Digital Personal Data Protection Bill दोनों सदन से पास हो गया है. राष्ट्रपति के साइन के बाद यह कानून का रूप ले लेगा. इस कानून को कब लागू किया जाएगा,इसका नोटिफिकेशन अलग से केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही दिया जायेगा. बिल में भारत सरकार या केंद्र सरकार को कई तरह की छूट दी गई है. इसके तहत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, व्यवस्था बनाए रखने जैसे मामलों में डाटा सुरक्षा के नियम पालन के लिए बाध्य नहीं होगी और लोगों की व्यक्तिगत जानकारियों का इस्तेमाल कर सकेगी.संसद में इस बिल को पेश करते हुए केन्द्रीय सूचना एवं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया की ‘ इस बिल के जरिये भारतीय नागरिकों को डिजिटल प्राइवेसी को बनाये रखने वाला देश का पहला कानून होगा’.

डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023 लागू होने का फायदा

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोगो को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह कंपनियों से यह पूछ सकेंगे कि वह कौन सा डेटा ले रहे हैं और उनके उस डेटा का कहां पर उपयोग किया हो रहा है.इस बिल के तहत कोई भी आपकी मर्जी के बिना आपका पर्सनल डाटा एक्सेस नहीं कर सकता है। इसके प्रावधान के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनिया नहीं कर सकेगी अपनी मनमानीअगर किसी भी कंपनी के द्वारा यूजर्स का डाटा अगर लीक किया जाता है या कंपनी द्वारा ये नियम तोड़ा जाता है तो बता दें कि इस बिल में नियमों का उल्लंघन करने पर कम से कम 50 करोड़ रुपये और अधिकतम 250 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है |हमारे देश में अभी तक ऐसा कोई भी कानून नहीं था, जिसकी वजह से हमारे देश के लोगो के पर्सनल डाटा को किस भी तरह की कोई सुरक्षा नहीं थी  और जैसा कि आप जानते हैं कि देश में इंटरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए लगातार इस प्रकार के कानून को लॉन्च करने की डिमांड लोगों के द्वारा की जा रही थी और इस प्रकार के कानून को बनाने की आवश्यकता तब और भी ज्यादा हो गई। जब पिछले कुछ समय से डाटा चोरी होने की बहुत सारी खबरें मीडिया में आने लगी थी। दुनिया के दूसरे देशों में पहले से ही डिजिटल डाटा को लेकर के काफी कड़क कानून है। इस प्रकार से अब हमारे देश में जो बिल पास हुआ है उससे कंपनी की जिम्मेदारी तय होगी और वह गलत ढंग से कस्टमर के डाटा का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी।

डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023 के प्रावधान

भारत में अब तक सख्त कानून नहीं होने की वजह से कंपनियां यूजर्स के डेटा के साथ कंप्रोमाइज करती हैं और उनकी अनुमति के बिना ही वह डेटा का इस्तेमाल दूसरे कामों के लिए करती हैं.जिस वजह से बहुत सी कंपनियां अपनी मनमर्जी चलाकर ग्राहक के डाटा को अवैध रूप से भी उपयोग करती थी जिस वजह से ग्राहक को नुकसान होने की सम्भावना ज्यादा लगी रहती थी | डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल के तहत अब कंपनियों की जवाबदेही तय हो गयी है | अब उनको डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निम्न नियमो के प्रावधानों का पालन करना जरुरी होगा|

उदाहरण के तौर पर,डेटा प्रोटेक्शन बिल के प्रावधानों के मुताबिक अब अगर कोई यूजर सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट डिलीट करता है, तो कंपनियों को भी उसका डेटा डिलीट करना होगा.कई बार आपने देखा होगा कि जो भी आप गूगल पर या फेसबुक पर सर्च करते हैं तो उसी के विज्ञापन आपको दिखने लगते हैं। अब यह कैसे होता है? इसके लिए कंपनियां आपका डाटा इस्तेमाल करती हैं।

  1. डाटा उल्लंघन या डाटा चोरी के मामले में कंपनियों को डाटा प्रोटेक्शन बोर्ड (डीपीबी) और यूजर्स को सूचित करना होगा।
  2. यूजर डाटा का इस्तेमाल करने वाली सोशल मीडिया फर्म्स को व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा करनी होगी, भले ही वह थर्ड पार्टी डाटा प्रोसेसर का इस्तेमाल कर डाटा एक्सेस कर रहा हो।
  3. बच्चों के डाटा और अभिभावकों के साथ शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के डाटा को अभिभावकों की इजाजत के बाद ही एक्सेस किया जाएगा।
  4. फर्म्स को एक डाटा सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करना होगा और यूजर्स को इसकी जानकारी देनी होगी।
  5. केंद्र सरकार को भारत के बाहर किसी भी देश या क्षेत्र में व्यक्तिगत डाटा के ट्रांसफर को रोकने और प्रतिबंधित करने की शक्ति होगी।
  6. डीपीबी के फैसलों के खिलाफ अपील की सुनवाई दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा की जाएगी।
  7. डीपीबी फर्म्स को समन कर सकता है, उनकी जांच कर सकता है और कंपनियों की किताबों और दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है।
  8. डीपीबी उल्लंघन की प्रकृति और गंभीरता, प्रभावित व्यक्तिगत डाटा के प्रकार पर विचार करने के बाद फर्म्स पर जुर्माना लगा सकता है।
  9. यदि विधेयक प्रावधानों का दो बार से अधिक उल्लंघन किया जाता है तो डीपीबी सरकार को किसी मध्यस्थ तक पहुंच को ब्लॉक करने की सलाह दे सकता है।
  10. फर्म्स पर डाटा उल्लंघन, व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा करने में विफलता या डीपीबी और यूजर्स को उल्लंघन के बारे में सूचित नहीं करने पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

FAQ:-डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल से जुड़े सवाल

QUESTION:-डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल क़ानून तोड़ने पर कितना जुर्माना लगेगा 

ANSWER:-नए डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत, यूजर्स के डिजिटल डेटा का दुरुपयोग करने या उसकी सुरक्षा करने में विफल रहने वाली कंपनियों पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियम तोड़ने वाली कंपनी पर 250 करोड़ रुपये से ज्यादा और कम से कम 50 करोड़ रुपये से कम का जुर्माना लगाया जा सकता है।

QUESTION:-डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल(DPDP) क्यूँ लाया गया है  

ANSWER:-कई कंपनियां लोगों के पर्सनल डेटा को गलत उपयोग कर रही थीं,हाल में देश के अंदर कई मौकों पर बैंक, बीमा और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कई डेटा लीक्स की खबरें सामने आई हैं.। इस कारण ही डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को लाया गया है। ताकि कोई भी कंपनी किसी का भी पर्सनल डाटा गलत तरीके से उपयोग ना कर सके।

QUESTION:-बिल के मुताबिक उपभोक्ता की शिकायते और उनको हल करने पर कौन सा बोर्ड काम करेगा

ANSWER:-बिल के मुताबिक कानून पालन कराने के लिए जो ‘डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया ‘ बनेगा. वह यूजर्स की शिकायतें सुनने और हल करने पर भी काम करेगा.

QUESTION:-पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल क्यों मायने रखता है?
ANSWER:-यूजर्स के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने एक बिल तैयार किया है। इसे पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2023 नाम दिया गया है।
QUESTION:-क्या डाटा प्रोटेक्शन बिल पास हो गया है?
ANSWER:-डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक 9 अगस्त को राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था  एक महत्वपूर्ण क्षण में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 11 अगस्त, 2023 को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक को अपनी सहमति दे दी।

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