साइबर अपराध की जड़ है फर्जी सिम कार्ड

फर्जी सिम कार्ड पर सरकार का प्रहार 

साइबर अपराध की जड़ है फर्जी सिम कार्ड ,हमारे देश में सबसे ज्यादा अपराध साइबर फ्रॉड के फर्जी सिम कार्ड के जरिये किये जाते हैं इसी समस्या को देखते हुए हमारे देश में बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है जिससे फ्रॉड सिम कार्ड पर लगेगी लगाम. केंद्र सरकार ने सिम कार्ड डीलर्स के लिए कुछ कड़े नियम कर दिए है ,हमारे देश में जितने भी सिम कार्ड डीलर्स है उन सबको को अब पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा.इसके साथ ही बल्क या थोक में सिम कार्ड खरीदने  के प्रावधान को भी खत्म कर दिया है. नए नियमों के बारे में बताते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उन्होंने बताया कि सिम कार्ड्स डीलर्स का वेरिफिकेशन लाइसेंसी या टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा करवाया जाएगा ,बिना पुलिस वेरिफिकेशन के तो सिम कार्ड्स डीलर्स न सिम खरीद पायेंगे और न ही बेच पायेंगे | दरअसल इस कदम को उठाने के पीछे केंद्र सरकार का मकसद साफ है कि सरकार पूरी तरह से साइबर क्राइम पर लगाम लगाना चाहती है जिसकी वजह से अब तक लाखों लोगों को करोड़ों रुपयों की चपत लग चुकी है. बता दें कि देश में फर्जी कागजातों के माध्यम से सिम कार्ड लेने की बढ़ रही घटनाओं और फिर इन नंबरों के चलते होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगानी है। प्रिंटेड आधार कार्ड के मिसयूज को रोकने के लिए सरकार ने डेमोग्राफिक डिटेल्स को कैप्चर करना अनिवार्य कर दिया है. इसके लिए प्रिंटेड आधार कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा.

दूरसंचार विभाग ने थोक में ‘कनेक्शन’ देने की सेवा को भी बंद कर दिया है। इसके स्थान पर व्यावसायिक कनेक्शन(Commercial Sim card) की एक नई अवधारणा पेश की जाएगी। वैष्णव ने कहा, ‘‘ इसके अलावा व्यवसायों का केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) और सिम लेने वाले व्यक्ति का भी केवाईसी किया जाएगा।’’ केवाईसी के जरिये किसी संस्थान या निवेशक की पहचान और पते को प्रमाणित करने में मदद मिलती है।

संचार साथी पोर्टल हो चुका है शुरू

साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए भारत सरकार पहले ही संचार साथी पोर्टल लॉन्च कर चुकी है. इस पोर्टल पर चोरी हुए या फिर गुम हुए फोन की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

साइबर अपराध की जड़ है फर्जी सिम कार्ड

इसी वेबसाइट पर आप चेक कर सकते हैं कि आपकी आईडी से कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं. अगर कोई सिम कार्ड एक्टिव है और वो आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो यही से इसकी रिपोर्ट दर्ज कर इस सिम कार्ड को बंद करा सकते हैं

डीलर्स को भी सरकार ने किया ब्लैकलिस्ट 

फर्जी तरीके से सिम कार्ड बेचने के मामले में सरकार ने तकरीबन 67 हजार सिम कार्ड डीलर्स को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है. जानकारी के अनुसार ऐसा करने से साइबर फ्रॉड से लड़ने में मदद मिलेगी और इन पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी. मौजूदा समय में सिम कार्ड डीलर्स को 12 महीने का समय दिया गया है और इसके साथ ही धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने सिम कार्ड डीलर का पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) अनिवार्य कर दिया है.

सरकार के मुताबिक अभी तक 52 लाख सिम कार्ड बंद किए गए हैं, मई 2023 से अभी तक सिम कार्ड डीलरों के खिलाफ 300 एफआईआर दर्ज की गई हैं। फर्जी सिम कार्ड गिरोह में शामिल करीब 66,000 WhatsApp अकाउंट को भी ब्लॉक किया गया है। ताजा मामला मुंबई से आया है,  दूरसंचार मंत्री के मुताबिक देश में करीब 10 लाख सिम कार्ड डीलर हैं जिन्हें पुलिस वेरिफिकेशन कराना होगा। इसके अलावा बिजनेस (दुकान) का भी केवाईसी कराना होगा।

658 सिम कार्ड एक ही आधार नंबर पर

हमारे देश में आये दिन सिम कार्ड् से जुड़े मामलो का रोज भंडाफोड़ हो रहा है। हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है जिसमें आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल हो रहा था। पुलिस के मुताबिक किसी व्यक्ति के एक ही आधार कार्ड पर 658 सिम कार्ड जारी किए गए थे और ये इन सभी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था।जिस आरोपी के पास फर्जी सिम मिली हैं, उसने अपने नाम पर करीब 650 से ज्यादा सिम कार्ड ले रखे थे. फर्जी सिम इस्तेमाल करने वाले टेलीकॉम मंत्रालय की रडार पर हैं. इन दिनों फर्जी सिम का इस्तेमाल करके फ्रॉड लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं. कुछ लोगों को फर्जी सिम से कॉल आ रही हैं, तो मैसेज. वहीं कुछ लोगों के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड (Financial Fraud) भी हुआ है. इस पर लगाम लगाने के लिए टेलीकॉम मंत्रालय लगातार फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर जारी SIM को ब्लॉक कर रही है. ताजा मामला मुंबई से आया है, जहां 30000 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड्स को ब्लॉक किया गया है.बता दें, DoT का कहना हैं कि DoT नकली/जाली मोबाइल कनेक्शन को रोकने के लिए ASTR नाम के नेक्स्ट जेनरेशन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करता है.फाइनेंशियल फ्रॉड और नकली सिम कार्ड के मुद्दे से निपटने के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) नो योर कस्टमर (केवाईसी) मानदंडों में बदलाव की योजना बना रहा है. आने वाले समय में एक आईडी पर 9 सिम के बजाए 5 सिम ही जारी होंगे. सिम जारी करने के लिए डिजिटली वेरिफाइड दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाएगा. यही नहीं, फ्रॉड करने वाले लोगों के पकड़े जाने पर उनपर दंडात्मक कार्यवाई भी होगी.

साइबर अपराध की जड़ है फर्जी सिम कार्ड

6 महीने के भीतर जारी हो सकता है नया नियम

DoT की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (AI & DIU) विंग द्वारा नेशनल वर्किंग ग्रुप के परामर्श से छह महीने के भीतर KYC के नए नियम को जारी सकता है. सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी. नेशनल वर्किंग ग्रुप में आरबीआई और मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं. केवाईसी मानदंडों में ओवरहालिंग के अलावा, DoT दो महीने के भीतर टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन (TAF-COP) पोर्टल पैन-इंडिया लॉन्च करने की भी योजना बना रहा है. फिलहाल यह पोर्टल आंध्र प्रदेश, केरल, राजस्थान, तेलंगाना और जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों में सक्रिय है

Artificial Intelligence (AI) के द्वारा होगी फर्जी सिम की पहचान

दरअसल अभी तक फर्जी सिम को किसी दूसरे व्यक्ति के दस्तावेजों पर पहले से ही एक्टिव कर लिया जाता था। हालांकि भारत सरकार द्वारा जारी नये नियम के अनुसार अब अगर पहले से एक्टिव सिम कार्ड फोन में डालते हैं, तो आपका फोन नहीं चलेगा। सरकार ने एक नया Artificial Intelligence बेस्ड सिस्टम पेश किया है, जो कि फर्जी सिम कार्ड की जांच करेगा। सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजें की मदद से फर्जी सिम कार्ड की पहचान करके उसे ब्लॉक कर देगी। वही अगर आपने पहले से ही सिम कार्ड एक्टिवेट किया हैं, तो वो सिम कार्ड नहीं चलेंगे। नए नियम के मुताबिक सिम कार्ड को फोन में डालने के बाद ही उसे एक्टिव कराया जा सकेगा। इसके लिए आपसे कुछ पर्सनल जानकारी मांगी जाएगी। इस जानकारी के आधार पर ही सिम वेरिफाई होने के बाद उसे एक्टिव किया जाएगा।

FAQ:-सवाल जवाब

QUESTION:-सरकार ने साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए कौन से टेक्नोलॉजी को अपना हथियार बनाया है

ANSWER:-सरकार ने साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस-फेस रिकॉग्निशन इनेबल्ड सिस्टम- ASTR को हथियार बनाया है. इससे साइबर अपराध में इस्तेमाल हुए सिम कार्ड की डिटेल्स निकाली जाती है.

QUESTION:-पुलिस वेरिफिकेशन के बिना सिम कार्ड डीलर्स ने सिम कार्ड बेचा कितना जुर्माना लगेगा

ANSWER:-केंद्र सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए सिम कार्ड डीलर का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। अवैध रूप से केंद्र सरकार द्वारा लागू नियमों का उल्लंघन करने वाले सिम कार्ड्स डीलर पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।केंद्र सरकार ने कहा है  कि देश में लगभग 10 लाख सिम डीलर हैं और केंद्र सरकार द्वारा पुलिस सत्यापन के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।

QUESTION:-केंद्र सरकार ने कितने अवैध सिम कार्ड डीलर्स को ब्लैक लिस्ट किया है 

ANSWER:-इसके अलावा 67 हजार सिम कार्ड डीलर्स को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है.

QUESTION:-एक आईडी पर कितने सिम कार्ड जारी हो सकते है 

ANSWER:-सूत्रों से खबर मिल रही है की दूरसंचार विभाग एक आईडी पर 4 सिम कार्ड जारी करने का प्रावधान कर सकती है जोकि इससे पहले 9 सिम कार्ड था

QUESTION:-अभी तक कितने दस्तावेजो से सिम कार्ड मिलते थे

ANSWER:-अभी 21 दस्तावेजों से सिम कार्ड मिलते हैं लेकिन आगे सिर्फ 5 दस्तावेजों से सिम कार्ड हासिल कर सकेंगे,सिम कार्ड हासिल करने के लिए सिर्फ आधार, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड और बिजली बिल कागजात के रूप में मान्य होंगे। सरकार 10-15 दिनों में नए नियम जारी कर सकती है

Leave a Comment