क्रिप्टोकरेंसी का सम्पूर्ण ज्ञान

इस ब्लॉग में आपको क्रिप्टो क्या है ये कैसे काम काम करती है और इसके क्या लाभ है ,इसके बारे में आपको क्रिप्टोकरेंसी का सम्पूर्ण ज्ञान दिया जायेगा |

“Cryptocurrency  एक ऐसी मुद्रा है, जिसे किसी भी देश की सरकार लागू नहीं करती है | Cryptocurrency पर किसी देश, राज्य या किसी अथॉरिटी का नियंत्रण नहीं होता है अर्थात यह एक स्वतंत्र मुद्रा है, जो डिजिटल रूप में होती है इसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है।”

Cryptocurrency  फाइनेंस लेन-देन का एक जरिया है जैसे हम भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर से करते है ,क्रिप्टोकरेंसी एक virtual assest है जिसको हम छू नहीं सकते लेकिन देख सकते है इसलिए इसे Digital Currency भी कहते हैं। डिजिटल करेंसी एक Peer to Peer Electronic System है, जो पूरी तरह कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है. इसके सारे ट्रांजेक्शन भी कंप्यूटर से ही होते हैं, यानी इसमें कोई फिजिकल करेंसी नहीं होती है.इसे इनक्रिप्शन टेक्नोलॉजी की सहायता से जेनरेट किया जाता है और उसके बाद रेगुलेट भी किया जाता है|

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे 

*क्रिप्टोकरेंसी में जो भी लेनदेन किया जाता हैं वह सब कुछ ऑनलाइन मोड में होता हैं, साथ ही इसमें सुरक्षा बहुत मजबूत ही होती हैं, क्योंकि इसमें जिस तकनीक का उपयोग किया जाता हैं, वह विशेष प्रकार की सिक्यूरिटी वाली तकनीक होती हैं, इसलिए इसमें धोखाधड़ी की संभावनाएं बहुत ही कम होती है. और न ही कोई व्यक्ति इसे हैक कर पाता हैं.

*क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किया जाने वाला लेनदेन और आप जो नॉर्मल लेनदेन करते हैं दोनों में अंतर होता हैं, क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी में किया जाने वाला लेनदेन बहुत ही कड़ी निगरानी में एवं सुरक्षित तरीके से किया जाता हैं.

*क्रिप्टोकरेंसी सबसे सिक्योर करेंसी मानी जाती है, क्योंकि यह क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से मिलकर बनीं है।

*आपके द्वारा क्रेडिट कार्ड से भुगतान किये जाने पर प्रत्येक भुगतान पर आपको अतिरिक्त चार्ज अधिक देना पड़ता हैं, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी इसके लिए लाभकारी होगी, क्योंकि इससे एक तो आप अधिक मात्रा में किसी को भुगतान कर रहे हैं तो वह भी हो जायेगा और साथ ही इसमें लेनदेन का चार्ज भी क्रेडिट कार्ड की तुलना में बहुत कम होता है.

*Cryptocurrency सबसे secqure currency मानी जाती है, क्योंकि यह cryptography  और Blockchain Technology से मिलकर बनीं है। Cryptocurrency  पैसे के लिए एक नया सेंट्रलाइज्ड सिस्टम डिफाइन करती है। इस सिस्टम में ट्रांजेक्शन को वैरिफाई करने के लिए किसी भी बैंक पर निर्भर होने की जरूरत नहीं हैं।

क्रिप्टोकरेंसी के नुकसान

* क्रिप्टोकरेंसी में एक कमी यह हैं कि इसमें ऐसी तकनीक नहीं आई हैं कि यदि आपसे किसी कारण से गलती से किसी को भुगतान हो जाता हैं तो आप इसे वापस नहीं ले सकते हैं,और सबसे बड़ी कमी जो क्रिप्टोकरेंसी में हैं वह हैं वॉलेट आईडी का दोबारा न मिलना. यानि कि एक बार यदि आपने अपनी वॉलेट की आईडी खो दी, तो फिर आप क्रिप्टोकरेंसी अकाउंट को भूल ही जाइये क्योंकि यह दोबारा कभी नहीं मिल सकती हैं. और साथ ही वॉलेट आईडी खो जाने के बाद आप उसमें से आपके बचे हुए पैसे भी कभी नहीं निकाल पाएंगे. अतः आप उसे हमेशा के लिए खो देंगे.

*चूंकि क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन की गोपनीयता और सुरक्षा अधिक है, इसलिए सरकार के लिए किसी भी उपयोगकर्ता को उनके Wallet Address से Trace करना या उनके डेटा पर नजर रखना मुश्किल है। बिटकॉइन का उपयोग अतीत में कई अवैध सौदों के दौरान भुगतान के तरीके (पैसे का आदान–प्रदान) के रूप में किया गया है, जैसे कि Dark Web पर ड्रग्स खरीदना। इसका उपयोग कुछ लोगों द्वारा एक स्वच्छ मध्यस्थ के माध्यम से अपने स्रोत को छिपाने के लिए अपने अवैध रूप से अर्जित धन को परिवर्तित करने के लिए भी किया गया है।

*क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें बेहद अस्थिर हैं। दुनिया भर में 24×7 इस पर ट्रेडिंग चलती रहती है।

*क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दुनियाभर में सरकारें एक मत नहीं है। कुछ देशों में सरकार ने इसे लीगल करार दे दिया है तो कहीं पर अभी भी इस पर कानून की तलवार लटकी हुई है।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे बनायी जाती है

क्रिप्टोकरेंसी को बनाने के लिए Cryptography methodology का इस्तेमाल किया जाता है। इसको Move कराने में Blockchain Network System का प्रयोग किया जाता है। जिसका इस्तेमाल हम Internet के माध्यम से regular करेंसी की जगह पर Goods और Services को purchase करने के लिए कर सकते हैं ,क्रिप्‍टो करेंसी बनाने का Process बहुत ही जटिल होता है। इसे बनाने में दुनिया भर के कंप्‍यूटर सिस्‍टम और High-end mobile devices की एनर्जी लगती है। क्रिप्‍टो करेंसी बनाने के लिये Mining की जाती है। इसकी माइनिंग कोई भी व्‍यक्ति घर बैठे कर सकता है और क्रिप्‍टोकरेंसी बना कर पैसे कमा सकता है। लेकिन इस काम को करने के लिये IT का ज्ञान होना बहुत जरूरी होता है।

क्रिप्टोकरेंसी में कैसे होता है लेन-देन

क्रिप्टोकरेंसी में जब भी कोई Transaction होता है तो इसकी जानकारी Blockchain में दर्ज की जाती है, यानी उसे एक ब्लॉक में रखा जाता है. इस ब्लॉक की सिक्योरिटी और encryption का काम माइनर्स का होता है. इसके लिए वे एक क्रिप्टोग्राफिक (Cryptographic) पहेली को हल कर ब्लॉक के लिए उचित Hash (एक कोड) खोजते हैं. जब कोई माइनर पुख्ता hash खोजकर ब्लॉक सिक्योर कर देता है तो उसे ब्लॉकचेन से जोड़ दिया जाता है और नेटवर्क में दूसरे नोड (Computers) के जरिए उसे वेरिफाई किया जाता है. इस प्रक्रिया को आम सहमति (consensus) कहा जाता है. अगर consensus  हो गया समझिए ब्लॉक के सिक्योर होने की पुष्टि हो गई. वह सही पाया जाता है तो उसे सिक्योर करने वाले माइनर को क्रिप्टोक्वॉइन (cryptocoin) दे दिए जाते हैं. यह एक रिवार्ड है जिसे काम का सबूत माना जाता है |

FAQ: क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कुछ सवाल-जवाब

Q1.भारत क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध क्यों लगा रहा है?

भारत में क्रिप्टो करेंसी को बैन करने के पीछे कुछ प्रमुख वजह इस प्रकार हैं। भारत में क्रिप्टो पर क्यों लगे बैन? क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग क्रिमिनल एक्टिविटी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। क्रिप्टो करेंसी में बेचने और खरीदने वाले के नाम का खुलासा नहीं होता इसलिए भी यह खतरनाक साबित हो सकता है।

Q2.क्रिप्टो करेंसी से क्या खतरा है?

हालाँकि क्रिप्टोकरेंसी बहुत सुरक्षित हैं, लेकिन Crypto Wallet Exchange उतने सुरक्षित नहीं हैं। अधिकांश एक्सचेंज उपयोगकर्ताओं के वॉलेट डेटा को उनकी उपयोगकर्ता आईडी को सही ढंग से समझने के लिए Store करते हैं। यह डेटा अक्सर Hackers द्वारा चुरा लिया जाता है, जिससे उनके पास बहुत सारे accounts का access आ जाता है।

Q3. Crypto Currency कहाँ स्टोर करते है?

क्रिप्टो टोकन (Crypto Token) ,ब्लॉकचेन (Block chain) पर मौजूद होते हैं।जिस तरह शेयरों को डीमैट अकाउंट में स्टोर किया जाता है, उसी तरह क्रिप्टोकरेंसी को क्रिप्टो वॉलेट में स्टोर किया जाता है।

Q4.सबसे महंगी Virtual Currency या Crypto currency कौन सी है

Bitcoin दुनिया की सबसे महंगी वर्चुअल करेंसी है.

Q5.दुनिया के किन देशों ने Cryptocurrency को आधिकारिक मुद्रा के रूप में  मान्‍यता दी है

अल सल्‍वाडोर देश ने क्रिप्‍टोकरेंसी बिटकॉइन को कानूनी दर्जा प्रदान कर दिया है। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश बन गया है।

Q6.क्रिप्टो में सबसे बड़ी समस्या क्या है
Electricity Consuption,ब्लॉकचेन नेटवर्क पर लेनदेन को मान्य करने की प्रक्रिया के लिए बहुत अधिक कंप्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है, जिसके बदले में बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इससे कार्बन उत्सर्जन और ब्लॉकचेन तकनीक के पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में चिंताएँ पैदा हो गई हैं।

Q7.क्रिप्टो में ट्रेडिंग कैसे होती है
अगर आप क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करते हैं तो आपको एक्सचेंज का इस्तेमाल करना पड़ेगा और आपको क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए कमीशन आदि का भुगतान करना होगा। बेचने पर कॉइन्स आपके वॉलेट से निकलकर, जो व्यक्ति खरीद रहा होगा। उसके खाते में चले जाएंगे। वहीं, खरीदने पर इसका उल्टा होगा।

Q8.ब्लॉकचेन technology की official website क्या है ?

ब्लॉकचेन technology की official website  https://www.blockchain.com/ है|

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